LOK SABHA ELECTION 4

यूटी प्रशासन ने मंगलवार को नगर निगम के लिए 14 करोड़ रुपये जारी किए हैं। हालांकि इससे निगम को कोई राहत नहीं मिलने वाली क्योंकि 14 करोड़ में से नौ करोड़ रुपये 24 घंटे पानी के परियोजना के लिए, एक करोड़ रुपये सी एंड डी अपशिष्ट और एक करोड़ रुपये गो सेस के लिए जारी किए गए हैं। ऐसे में निगम ने अब नए गैरजरूरी बिलों पर रोक लगा दी है।

प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि नगर निगम को विभिन्न अनिवार्य देनदारियों को पूरा करने के लिए अपने स्वयं के राजस्व और अनुदान सहायता से प्रति माह 100 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति दी गई है। इनमें प्रमुख रूप से कर्मचारियों का वेतन, कचरा प्रसंस्करण पर खर्च, छोटे काम, कर और निविदा अनुबंध भुगतान शामिल हैं। 300 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट मिलने को लेकर निगम के अधिकारियों ने पुष्टि की है।

नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है। छह मार्च को आयोजित नगर निगम सदन की बैठक और उसमें पास किए गए बजट पर प्रशासन की ओर से अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस वजह से नगर निगम को नए वित्तीय वर्ष में अपनी अनिवार्य देनदारियों पर भी खर्च करने का कोई अधिकार नहीं होने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में नगर निगम ने कुछ दिनों पहले अंतरिम बजट पर अनुमति मांगी थी।