Press Club Election 2023 5 2

भरत अग्रवाल , चंडीगढ़ दिनभर : अनशन बाबा के नाम से मशहूर प्रताप सिंह राणा लोकसभा चुनाव 2024 में चंडीगढ़ सांसद सीट के लिए आजाद उम्मीदवार चुनाव मैदान में होगे। प्रताप सिंह राणा ने सबसे पहला अनशन वर्ष 2009 में किया था। जोकि 13 दिनों तक लगातार चला था। उस समय प्रताप सिंह राणा सरकारी कर्मचारी यूनियन का नेतृत्व करते थे। यूनियन की मांगो को नजरअंदाज होते देख राणा ने अपना पहला अनशन रखा था और अपने पहले अनशन के बदोलत सरकारी कर्मचारियों की मांगो को पूरा करवाने में सहयोग किया था। बस फिर क्या था , तब से राणा कर्मचारियों की मांगो को लेकर संघर्ष करते रहे और इनकी लोकप्रियता बढ़ने लगी।
सरकारी नौकरी से रिटायर होने के बाद प्रताप सिंह राणा ने जनहित की आवाज उठाई। मौलीजागरा के नजदीक बने फलाईऑवर से लेकर मूलभूत सुविधाओं तक के मुद्दे प्रताप सिंह राणा ने चंडीगढ़ प्रशासन के समक्ष रखे और समस्या का समाधान करवाने में भी कामयाब रहे। लोकसभा चुनाव 2024 में चंडीगढ़ से आजाद उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रताप सिंह राणा ने चंडीगढ़ दिनभर से अपना अनुभव सांझा किया।
इस दौरान राणा ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस को लोग देख चुके हैं, उनसे कोई उम्मीद नहीं है, जनता इस बार उन्हें मौका देगी। क्योंकि बड़ी पार्टी के नेता को चुनकर लोग बाद में पछचाते है।
चुनाव जीतने के बाद सांसद बनने वाले पूंजीपति सासंद मतदाताओं की एक नहीं सुनते, मेरे से लोग कभी भी मिल सकते हैं। अगर जीत जाता हूं तो मुझे सांसद का जो वेतन मिलेगा उसे मैं गरीबों की सेवा में ही खर्च करूंगा। मुझे कुछ नहीं चाहिए, मेरे पास भगवान का दिया सब कुछ है। जनता की सेवा ही भावना है, गरीबों की आवाज देश के सबसे बड़े मंच पर उठाना चाहता हूं।

सवाल : राजनीति में क्यों आना चाहते हैं?
जवाब : आजादी के 75 साल बाद भी बहुत सारे लोगों को राजनीति में अपनी हिस्सेदारी नहीं मिल पाई है। धनतंत्र और परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा दिए जाने की वजह से ऐसी स्थिति बनी है। मैंने बदलाव की लड़ाई लड़ने के लिए ही राजनीति में कदम रखा है। अब लोग भी समझदार हो गए हैं। दलित, पिछड़े व वंचित समाज से लेकर युवा और बुजुर्ग सभी लोगों में जागरूकता आई है। जनता भी चाहती है कि धनतंत्र व परिवारवाद आधारित राजनीति बदले। ईमानदार, संघर्षशील लोग आगे आएं। इन स्थितियों को देखते हुए ही मैने आजाद उम्मीदवारचंडीगढ़ सांसद का चुनाव लड़ने का विचार बनाया हैं। मेरा मानना है कि व्यवस्था को बदलना जरूरी है और इसी रास्ते पर चलकर काम करूगा।

सवाल : ऐसे कौन से मुद्दे हैं जिनको लेकर आप चुनाव मैदान में उतरने जा रहे हैं?
जवाब : वैसे मुद्दे तो कई हैं। पर, नौजवानों के लिए रोजगार, पिछड़े इलाकों व गांवो में विकास, दलित व वंचित समाज को राजनीति में हिस्सेदारी देने, महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तीकरण, स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों को लेकर मैं लोकसभा चुनाव मैदान में उतरूगा। अब तक जितने भी दलों ने सत्ता संभाली, इन बुनियादी मुद्दों पर काम नहीं किया। अलबत्ता अपने-अपने घोषणापत्रों में इनका जिक्र जरूर ये दल करते रहे हैं।

सवाल: चंडीगढ़ सांसद सीट पर चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त पूंजी कहां से लाएंगे?
जवाब: लोकसभा चुनाव 2024 में जनता अपने लिए वोट करेगी। मैंने जो जनहित के काम किए हैं ,उनको लेकर जनता के बीच जाऊंगा। मै इस लोकसभा चुनाव को जीतकर इतिहास रच दूंगा कि बिना धन खर्च किए , सिर्फ जनहित काम करने के दम पर कोई व्यक्ति चुनाव जीत सकता हैं। मुझें उम्मीद हैं कि चुनाव आयोग भी मुझे इस लोकसभा चुनाव के बाद इसलिए सम्मानित करेगी कि सबसे कम धन खर्च करने वाला मैं पूरे देश का पहला सांसदिय उम्मीदवार हूं।