
पांच लोगों ने पिछले साल मेरा गैंगरेप किया था। इनमें तीन पुलिसकर्मी, एक स्टूडेंट व एक अन्य व्यक्ति शामिल है।
केस दर्ज होने के बावजूद आज तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिसवाले ही पुलिसवालों को बचाने में उतर आए हैं। समझौता कर मामले को रफा दफा करने का दबाव बना रहे हैं। मंडी गोबिंदगढ़ निवासी पीड़ित युवती ने सोमवार को चंडीगढ़ के प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता में यह आरोप लगाए। उन्होंने फतेहगढ़ साहिब के एसएसपी पर भी कोई कार्रवाई न किए जाने का आरोप लगाया और कहा कि पूरा अमला ही आरोपियों को बचाने में लगा हुआ है।
मीडिया इनवाइट की खबर पुलिस के पास रविवार रात ही पहुंच गई। इसके बाद से पंजाब पुलिस में हड़कंप मच गया। फतेहगढ़ पुलिस की एसएसपी ने प्रेस वार्ता रोकने के लिए डीएसपी और एसएचओ की ड्यूटी लगा दी। डीएसपी, एसएचओ व पंजाब पुलिस के अन्य मुलाजिम सुबह 4 बजे से ही प्रेस क्लब के चारों तरफ खड़े हो चुके थे, ताकि प्रेस कॉन्फ्रेंस को रोका जा सके। एसएचओ जंगजीत और डीएसपी ने पीड़िता को यह कहकर रोकना चाहा कि चार दिन का समय दे दो। लेकिन महिला ने उनकी एक न सुनी। ये है कि अगर पुलिसवालों का दामन साफ होता तो वे यहां तक पहुंचने की कोशिश भी न करते। यहां दाल में कुछ काला नहीं दाल ही काली नजर आ रही है।