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चंडीगढ़ दिनभर 12 बैंकों से करोड़ों की ठगी करने वाले दो आरोपियों को चंडीगढ़ साइबर सेल ने सोमवार को गिर तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान हरियाणा के करनाल निवासी अमरजीत सिंह और हिसार निवासी कुलदीप पन्नू के रूप में हुई है। इनका तीसरा साथी पंकज फरार है। एसपी साइबर सेल केतन बंसल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात का खुलासा किया। उनके साथ एसपी मृदुल और साइबर सेल के इंचार्ज रंजीत सिंह मौजूद थे।

एसपी ने बताया कि तीनों आरोपी करीब 2 करोड़ की ठगी कर चुके हैं। एसपी बंसल ने बताया कि सभी बैंकों से ठगी का तरीका इनका एक समान था। पहले बैंकों की रेकी करते थे। जिस समय बैंक मैनेजर छुट्टी पर जाता था, तब ये लोग बैंक के बड़े क्लाइंट का ऑनलाइन कैंसिल चेक हासिल कर लेते थे। फिर चेक को एडिट कर राशि भरकर बैंक में जमा कर देते थे। फिर जो मैनेजर छुट्टी पर होता था, उसे फोन कर अर्जेंट पैसे की डिमांड करते थे और डॉक्यूमेंट्स ऑनलाइन चेक करने के लिए भेज देते थे। इसी तरह इन्होंने ठगी को अंजाम दिया।
साइबर सेल द्वारा की गई जांच में सामने आया कि पकड़े गए दोनों आरोपी अमरजीत और कुलदीप पन्नू जिस सिम का इस्तेमाल फ्रॉड के लिए करते थे वे किसी और के नाम रजिस्डर्ट थे। यह सिम मनीष कुमार, राजाराम मीणा, सोनू कुमार और अर्जुन सिंह के नाम पर जारी हुए थे जिनमा पता दिल्ली एनसीआर और हरियाणा के असंध का था।

ऐसे हुआ ठगी का खुलासा

एसपी बंसल ने बताया कि सेक्टर-22 फेडरल बैंक के ब्रांच मैनेजर अर्पण शर्मा की तरफ से शिकायत आई थी। उन्होंने बताया कि उनके पास अंजान नंबर से कॉल आई थी जो खुद को उनका क्लाइंट राजेश मक्कड़ बता रहा था और 18 लाख 92 हजार रुपए अर्जेंट मांगे। इसके बाद उन्हें वॉट्सएप के जरिये डॉक्यूमेंट्स भेजे गए। डॉक्यूमेंट्स चेक करने के लिए उन्होंने अन्य कर्मचारी को दिए। उन्होंने क्रॉस चेक करने के लिए जब राजेश मक्कड़ को फोन किया तो पता चला कि उन्होंने पैसे लेने के लिए कोई फोन नहीं किया है। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

आरोपियों पर पहले भी दर्ज हैं केस

एसपी बंसल है बताया कि अमरजीत और कुलदीप पन्नू दोनों ही मास्टरमाइंड हैं। ये दोनों फर्जी डाक्यूमेंट्स तैयार करते थे और उन्हें बैंक में जमा करवाते थे जिसके जरिए ठगी को अंजाम देते थे। इन दोनों के खिलाफ यूपी के सहारनपुर में भी केस दर्ज हैं। ये फिलहाल जमानत पर चल रहे थे। इस गैंग ने अगस्त 2022 मे पंकज, आशीष, अंकुर जिंदल, रवि के साथ भी फ्रॉड किया है। इन्होंने फेडरल बैंक,आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, येस बैंक, एक्सिस बैंक व अन्य बैंक से 2 करोड रुपए का फ्रॉड किया है। आरोपियों से थार गाड़ी, चार सोने की रिंग, दो सोने की चेन, दो सोने के सिक्के, 5 लाख कैश और चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।