डॉ. तरूण प्रसाद 2023 06 01T165026.925

चंडीगढ़ दिनभर

चंडीगढ़। आम लोगों की मुश्किलों को कम करने के उदेश्य से बडा कदम उठाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज ट्रांसपोर्ट विभाग को 15 जून तक ड्राइविंग लाइसैंस (डी.एल.) और वाहनो के रजिस्ट्रेशन सर्टीफिकेट (आरसी) का कोई केस लंबित न रखने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने दफ्तर में परिवहन विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए लोगों को यह सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से जारी ड्राइविंग लाइसैंस और आरसी मिलने में लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

भगवंत मान ने अधिकारियों से स्पष्ट तौर पर यह सुनिश्चित करने को कहा कि तकनीकी कारणों से आरसी पैंडिंग लाइसैंस के बैकलॉग को 15 जून तक निपटाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग लाइसैंस के संबंध में स्मार्ट कार्ड की छपाई का लंबित कार्य लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि 8 अप्रैल को केवल 29,934 ड्राइविंग लाइसैंसो की छपाई हुई थी, जो 29 मई को बढ़कर 308,061 कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया लाइसैंस की प्रिंटिंग का बैकलॉग 8 अप्रैल को 177,012 से कमकर 29 मई तक 1943 कर दिया गया है । इसी तरह मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ अप्रैल को आर.सी. की कोई प्रिटिंग नहीं हुई थी लेकिन 29 मई को 347272 29 मई को रिकार्ड प्रिटिंग की गई थी।

उन्होंने कहा कि 29 मई तक आर.सी.के स्मार्ट कार्ड की छपाई का बैकलॉग 56251 था जोकि 8 अप्रैल को 226825 था। भगवंत मान ने कहा कि भविष्य में छपाई और लंबित मामलों की समस्या से बचने के लिए कंपनी को यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य किया जाए कि अगले तीन महीनों के लिए आवश्यक स्मार्ट कार्डों का स्टॉक उनके पास उपलब्ध रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाइसैंस जारी करने में काफी परेशानिया आती है क्योंकि ज्यादातर तो फीम जमा की दी जाती है पर आवेदक फोटो नहीं लाता है या आवेदक दो श्रेणियों (मोटरसाइकिल और एलएमवी) के लिए आवेदन करता है लेकिन केवल एक श्रेणी के लिए योग्यता टैस्ट के लिए उपस्थित होता है।

उन्होंने बताया कि वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टीफिकेट के संबंध में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट फिट न होने की स्थिति में जिसके बिना आर.सी. स्वीकृत नहीं दी जा सकती और सरकार के पास पूर्ण आवश्यक शुल्क/मोटर व्हीकल टैक्स जमा न करने की स्थिति में देरी होती है। भगवंत मान ने कहा कि कई बार लोग नियमों के अधीन जरूरत अनुसार पूरे दस्तावेज अपलोड नहीं करते है जिससे देरी होती है और आवेदकों को इन कारणों से बचना चाहिए।