स्पीकर ज्ञानचंद

स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता और अभय चौटाला के बीच विवाद जारीरुकने का नाम नहीं ले रहा

चंडीगढ़ दिनभर। विधानसभा में स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता और इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला के बीच विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को एक बार फिर दोनों आमने-सामने हो गए। प्रश्नकाल के दौरान उस समय विवाद पैदा हो गया जब अभय सिंह चौटाला ने डार्कजोन के मुद्दे पर तालाबों के सौंदर्यकरण के मुद्दे को भी उठा दिया। स्पीकर ने उन्हें टोका तो अभय ने फिर से स्पीकर पर टिप्पणी कर डाली।
स्पीकर ने अभय को मर्यादा में रहने की नसीहत दे डाली। विवाद ने आग में उस समय घी डालने का काम किया, जब अभय सिंह चौटाला ने स्पीकर पर निजी टिप्पणी कर डाली। अभय ने कहा, मैं आपके बारे में भी सवाल लगाऊंगा तब आपको पता लगेगा। इस पर भड़के स्पीकर ने कहा, जो सवाल लगाना है लगाएं, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। अभय और स्पीकर के बीच चल रहे विवाद के बीच जब अभय की आवाज ऊंची हुई तो उन्होंने स्पीकर के प्रति ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसका सदन में दूसरे विधायकों ने भी विरोध किया तो गुप्ता ने अभय को नेम करके सदन से बाहर जाने का फैसला सुना दिया। इसके बाद भी अभय ने बहस जारी रखी और अपनी सीट पर बैठे रहे। स्पीकर के इशारे पर मार्शल इंचार्ज अभय के नजदीक पहुंचे और उनसे बाहर जाने का आग्रह किया।
अभय ने सवाल उठाते हुए कहा, मुझे यह बताया जाए कि नेम क्यों किया गया है। स्पीकर बोले, आपके व्यवहार और सदन की मर्यादा तोडऩे के आरोप में आपको नेम करके बाहर किया गया है। बजट सत्र के पहले चरण में भी अभय को दो दिन के लिए नेम किया गया था। अभय ने इसे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी चुनौती दी थी। हाईकोर्ट द्वारा विधानसभा को नोटिस भी जारी किया जा चुका है। शुक्रवार को बजट सत्र के दौरान स्पीकर स्पष्ट कर चुके हैं कि वे विधानसभा के नोटिस का जवाब नहीं देंगे। इस बाबत संसदीय कार्यमंत्री कंवर पाल गुर्जर के प्रस्ताव को भी सदन में बहुमत से पारित किया जा चुका है।
इसमें कहा गया है कि हाईकोर्ट ने सदन की कार्यवाही में दखल किया है। हाउस के अंदर के मामलों में हाईकोर्ट इस्तक्षेप नहीं कर सकता। अभय को नेम करने पर उनके साथ बैठे कांग्रेस विधायक शमशेर सिंह गोगी ने भी चुटकी ली। अभय ने स्पीकर के प्रति टिप्पणी करके हुए ‘तकलीफ शब्द का इस्तेमाल किया। साथ ही, उन्होंने ऐसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया, जो आमतौर पर सदन में इस्तेमाल नहीं होते। इसी को लेकर बवाल मचा।