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इंडस्ट्रीयल एरिया फेज-8 में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाभोड़, 13 आरोपी गिरफ्तार

चंडीगढ़ दिनभर

चंडीगढ़। आपका पेपाल एकांउट बंद हो गया, यदि दोबारा चालू करवाने के लिए 200 डॉलर लगेंगे बोलकर यूएस में बैठे से लोगों से ठगी करने वाले फेज-1 मोहाली पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान रोहित, युवराज सलारिया, देवेंद्र कुमार, कार्तिक शर्मा, बलजिंदर सिंह, नमन सूरी, देव कुमार, मोहित कुमार, इरफान भट्ट, दर्शनदीप सिंह, विक्रम सिंह (सभी मोहाली जिले के रहने वाले), प्रशांत शर्मा चंडीगढ़, जयपुर के गौरव शर्मा के रूप में हुई है। फेज-1 थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से 10 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

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इसके अलावा तीन आरोपी रोहित, युवराज, दविंदर को पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। मोहाली एसएसपी संदीप गर्ग ने कहा कि आरोपियों को पकडऩे के लिए एसपी सिटी आकाशदीप सिंह, एसपी हरिंदर सिंह मान और फेज-1 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रजनीश की अगुवाई में स्पेशल टीम बनाई गई थी। मामले में 12 अन्य आरोपी फरार हैं। तलाश में छापेमारी की जा रही है। एसएसपी ने कहा कि आरोपियों में मास्टरमाइंड रोहित था। आरोपी मोहाली इंडस्ट्रीयिल एरिया फेज-8 में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। आरोपी ठगी का शिकार ज्यादातर यूएस में बैठे लोगों को बनाते थे। आरोपी खुद को पे-पल कंपनी का कर्मचारी बताकर बात करते थे।

ईमेल पर लिखकर भेजते थे कि आपका पेपल अकाउंट बंद हो गया है। पेपल अगर इसे चालू करवाना है तो 200 या 300 डॉलर से अधिक की डिमांड करते थे। अकाउंट पुन: शुरू करने के लिए विदेश में बैठे लोग पैसे ट्रांसफर कर देते थे। आरोपी पिछले एक साल से ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। आरोपियों ने एक साल में करीब 12 करोड़ रुपए की ठगी की है। एसएसपी ने बताया कि आरोपी गौरव लोगों का डाटा प्रोवाइड करवाता था कि कौन-कौन से लोग यूएस में बड़े बिजनेसमैन हैं। दिल्ली व अन्य राज्य का डाटा दिल्ली में रहने वाले आरोपी पर प्रोवाइड करवाते थे, जिनकी तलाश में पुलिस टीम भेज दी गई है। आरोपी गूगल जरिए विदेशों में बैठे बड़े बिजनेसमैन की लिस्ट तैयार करते थे। फिर उक्त लोगों को ई-मेल भेजकर सूचित करते थे। ईमेल में एक टोल फ्री नंबर भी दिया जाता है जिसके बाद विदेश में बैठे लोगों की ओर से उस टोल फ्री नंबर पर कॉल किया जाता था। इसके बाद आरोपी उसे झांसे में फंसा कर ठगी का शिकार बनाते थे।