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-हर पार्षद को मिलता है 80 लाख वार्ड डेवलपमेंट फंड

-इसी फंड से अपने-अपने वार्ड में करवाए जाते हैं विकास कार्य

-वर्ष 2023-2024 में सबसे ज्यादा वार्ड डेवलपमेंट फंड वार्ड-17 के काउंसलर दमनप्रीत सिंह ने खर्च किया है

-वार्ड-16 की पूनम ने 80 लाख में से मात्र 2 लाख 82 हजार रुपए से अपने वार्ड में विकास कार्य करवाए हैं

भरत अग्रवाल, चंडीगढ़ दिनभर : चंडीगढ़ नगर निगम के 90 प्रतिशत काउंसलर ऐसे हैं, जिन्होंने वार्ड डेवलपमेंट फंड का 50 फीसदी भी नहीं खर्च रहे हैं। बता दें कि हर काउंसलर को हर साल 80 लाख रुपए का वार्ड डेवलपमेंट फंड मिलता है, लेकिन अधिकतर काउंसलर वार्ड डेवलपमेंट फंड को खर्च नहीं करते। वर्ष 2023-2024 में सबसे ज्यादा वार्ड डेवलपमेंट फंड वार्ड नम्बर 17 के काउंसलर दमनप्रीत सिंह ने खर्च किया है। दमनप्रीत ने इस फंड के 80 लाख में में से 71 लाख 57 हजार खर्च किए। वहीं, दूसरे नम्बर पर वार्ड 19 के काउंसलर जसबीर सिंह लाडी हैं। लाडी ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 71 लाख 12 हजार खर्च किए। तीसरे नम्बर पर वार्ड 19 की नेहा हैं। नेहा ने एक साल में वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 68 लाख 75 हजार खर्च किए थे। वहीं, इस फंड से सबसे कम खर्च करने वालों में वार्ड नम्बर 16 की पूनम सबसे आगे हैं। पूनम ने मात्र 2 लाख 82 हजार रुपए ही खर्च किए हैं। वहीं, दूसरे नम्बर पर मेयर कुलदीप कुमार का वार्ड आता है। कुलदीप ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से मात्र 3 लाख 75 हजार रूपए खर्च किए हैं। तीसरे नम्बर पर वार्ड नम्बर 20 हैं। काउंसलर गुरचरणजीत सिंह ने वार्ड डेवलपमेंट फंड का मात्र 3 लाख 94 हजार रुपए खर्च किए हैं। वार्ड डेवलपमेंट फंड सबसे ज्यादा खर्च करने में आम आदमी पार्टी के काउंसलर दमनप्रीत सिंह हैं। उनका कहना है कि यह फंड वार्ड की डेवलपमेंट के लिए हर काउंसलर को मिलता है। यदि काउंसलर को लगता हैं कि वार्ड में यह काम होना चाहिए और निगम अधिकारी इस कार्य को लेकर गंभीर नही हैं तो उस काम को काउंसलर वार्ड डेवलपमेंट फंड से कर सकता हैं। इसके लिए लिखित में नगर निगम के चीफ इंजीनियर को देता हैं और उसके बाद वह देखते हैं कि काउंसलर फंड में इतना पैसा बाकि हैं, जितने का काम काउंसलर ने लिखकर दिया है। यदि फंड बकाया होता हैं तो अप्रूवल मिल जाती हैं। 2023-24 में मेयर डेवलपमेंट फंड के 2 करोड़ रूपए में से 62 लाख 74 हजार रूपए खर्च हुए थे। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर 50 लाख रूपए फंड में से 7 लाख 52 हजार रूपए और डिप्टी मेयर फंड के 30 लाख रूपए में से 11 लाख 59 हजार रूपए खर्च हुए हैं।

वर्ष 2023 -2024 में वार्ड डेवलपमेंट फंड

-वार्ड नम्बर 1 की काउंसलर जसविंदर कौर ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 24 लाख 91 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 2 के काउंसलर महेशइंदर सिंह सिद्धू ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 48 लाख 62 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 3 के काउंसलर दलीप शर्मा ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 16 लाख 66 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 4 के काउंसलर सुमन देवी ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 42 लाख 88 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 5 के काउंसलर दर्शना देवी ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 4 लाख 6 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 6 की काउंसलर सरबजीत कौर ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 34 लाख 6 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 7 के काउंसलर मनोज कुमार ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 6 लाख 28 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 8 के काउंसलर हरजीत सिंह ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 9 लाख 42 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 9 की काउंसलर बिमला दुबे ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 49 लाख 73 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 10 की काउंसलर हरप्रीत कौर बबला ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 60 लाख 21 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 11 के काउंसलर अनुप गुप्ता ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 26लाख 18 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 12 के काउंसलर सौरभ जोशी ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 29 लाख 6 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 13 के काउंसलर सचिन गालब ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 18 लाख 52 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 14 के काउंसलर कुलजीत सिंह संधू ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 47 लाख 11 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 15 के काउंसलर राम चंदर यादव ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 8 लाख 97 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 16 की काउंसलर पूनम ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से मात्र 2 लाख 82 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 17 के काउंसलर दमनप्रीत सिंह ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 71 लाख 57 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 18 की काउंसलर तरूणा मेहता ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 48 लाख 27 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 19 की काउंसलर नेहा ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 68 लाख 75 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 20 के काउंसलर गुरचरणजीत सिंह ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 3 लाख 94 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 21 के काउंसलर जसबीर सिंह लाडी ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 71 लाख 12 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 22 की काउंसलर अंजू कत्याल ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 15 लाख 32 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 23 की काउंसलर प्रेमलता ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 16 लाख 90 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 24 के काउंसलर जसबीर सिंह बंटी ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 14 लाख 46 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 25 के काउंसलर योगेश डिंगरा ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 64 लाख 4 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 26 के काउंसलर कुलदीप कुमार ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 3 लाख 75 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 27 के काउंसलर गुरबक् श रावत ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 9 लाख 2 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 28 की काउंसलर निर्मला देवी ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 41 लाख 44 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 29 के काउंसलर मनुवर ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 45 लाख 41 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 30 के काउंसलर हरदीप सिंह ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 53 लाख 32 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 31 के काउंसलर लखबीर सिंह ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 33 लाख 74 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 32 के काउंसलर जसमनप्रीत सिंह ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 29 लाख 68 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 33 के काउंसलर कंवरजीत सिंह ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 11 लाख 82 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 34 के काउंसलर गुरप्रीत सिंह ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 24 लाख 91 हजार रूपए खर्च किए हैं।
-वार्ड नम्बर 35 के काउंसलर राजिंदर सिंह ने वार्ड डेवलपमेंट फंड में से 14 लाख 12 हजार रूपए खर्च किए हैं।