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हरियाणा के राज्यपाल ने विशाल रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए अश्वनी गुप्ता मेमोरियल ट्रस्ट की करी सराहना

चंडीगढ़ दिनभर । हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान एकजुटता का कार्य है, जो किसी भी धर्म, जाति और सम्प्रदाय आदि से ऊपर उठकर मानवता के प्रति समर्पित होने के लिए अग्रसर करता है। बंडारू दत्तात्रेय आज अग्रवाल भवन सेक्टर-16 में अश्वनी गुप्ता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित छठे विशाल रक्तदान शिविर का उद्घाटन करने उपरांत रक्तदाताओं व उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।

इससे पूर्व उन्होंने दिवंगत अश्विनी गुप्ता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, उनकी धर्मपत्नी बिमला रानी, सुपुत्री रुचि गोयल, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं अंबाला सांसद रतनलाल कटारिया, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और हरियाणा भाजपा प्रभारी बिप्लब कुमार देब, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा, वरिष्ठ प्रचारक प्रेमजी गोयल, नगर निगम महापौर कुलभूषण गोयल व आईटीबीपी भानू के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दूहन भी उपस्थित थे। दत्तात्रेय ने कहा कि उन्हें यह जानकर गौरव हो रहा है कि अश्वनी गुप्ता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा पिछले पांच सालों से विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है और प्रति वर्ष इसमें 150 यूनिट रक्त एकत्रित करने का लक्ष्य रखा जाता है, जिसे जरूरतमंदों को उपलब्ध करवाया जाता है।

इससे बहुमूल्य जीवन को बचाकर मानवता की सेवा की जाती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में अश्वनी गुप्ता के असामयिक निधन के उपरांत उनकी याद में इस ट्रस्ट की स्थापना की गई। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता के नेतृत्व में इस ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य युवाओं का ध्यान ड्रग्स व अन्य नशों से दूर कर उन्हें शिक्षा, खेल और कैरियर निर्माण की तरफ लें जाने का रहा और वे इस मकसद में काफी हद तक कामयाब भी हुए। दत्तात्रेय ने कहा कि रक्तदान एक महादान है। इस दिशा में सभी को आगे बढ़कर कार्य करना चाहिए ताकि हम लोगों की जान बचा सके। उन्होंने कहा कि आज के इस रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं के उत्साह से पता चलता है कि हमारा प्रदेश रक्तदान के क्षेत्र में काफी जागरूक है। रक्तदान के इस अभियान को हरियाणा रैडक्रास भी अपनी 22 जिलों की शाखाओं के माध्यम से बडी कुशलता से आगे बढ़ा रहा है। वर्ष 2022 में हरियाणा राज्य रेडक्रॉस ने अपने स्वयं सेवकों के माध्यम से करीब 4 हजार स्वेच्छिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया, जिसमें लगभग 3 लाख 63 हजार यूनिट रक्त एकत्रित किया।