चौ. निर्मल सिंह
  • गांव के लोकतंत्र को खत्म कर देना चाहती है खट्टर सरकार
  • सरपंचों के अधिकारों को खत्म कर अफसरों को सौंप रही खट्टर सरकार

चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी ने सरपंचों की मांगों को अनसुना करने और उनकी अनदेखी को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया है। वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री चौधरी निर्मल सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस विरोध में सरपंचों का समर्थन करती है। साथ ही उन्होंने सरपंचों के प्रदर्शन पर हुए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के प्रयोग की निंदा की। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार चुने हुए प्रतिनिधियों से इनके अधिकार छीनना चाहती है। गांव का मुखिया सरपंच होता है। सरकार सरपंचों से अधिकार लेकर अफसरों को दे रही है। सरकार को सरपंचों से बातचीत कर रास्ता निकालना चाहिए।

पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि सरकार जो नई व्यवस्था लाना चाहती है इसके लिए न प्रदेश के गांव तैयार हैं। न ही गांव में पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर है। न इंटरनेट की सुविधा है, न ऑपरेटर है और न ही 24 घंटे बिजली रहती है। सरपंचों की अनदेखी कर सरकार प्रदेश के गांव के विकास कार्यों को नहीं होने देना चाहती।

उन्होंने कहा कि बीजेपी न लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती है। न ही चुने हुए प्रतिनिधियों में बीजेपी का विश्वास है। अफसरशाही के साथ बीजेपी चुने हुए प्रतिनिधियों की ताकत को कुचलना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरपंचों के पास जब गांव के अधिकार ही नहीं होंगे तो गांव के विकास कार्य में जनता की भागीदारी नहीं होगी। वहीं अफसरों के हाथ से विकास कार्य होंगे तो वे सरकार के प्रति उत्तरदायी होंगे। इससे जनप्रतिनिधित्व और लोकतंत्र खत्म हो जाएगा।