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नई दिल्ली. कर्नाटक पुलिस ने कथित तौर पर एससी/एसटी समुदाय के खिलाफ बीजेपी कर्नाटक द्वारा पोस्ट किए गए एक ट्वीट को लेकर बड़ी कार्रवाई की है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक ने राज्य की पुलिस ने विवादित ट्वीट के संबंध में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय को समन भेजा है.
समन में दोनों ही बीजेपी नेताओं को बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पीएस के समक्ष 7 दिनों के भीतर पेश होने का निर्देश दिया गया है. कर्नाटक पुलिस ने ये एक्शन बीते दिनों ङ्ग पर पोस्ट किए गए उस एनिमेटेड वीडियो को लेकर किया है, जिसमें बीजेपी की स्टेट यूनिट द्वारा पोस्ट किया गया था. वीडियो से एससी/एसटी समुदाय की भावनाएं आहत होने का आरोप है. ऐसा तब हुआ जब कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) ने चुनाव आयोग से आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन पर जेपी नड्डा और अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था. पार्टी के अनुसार, सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में कथित तौर पर एससी और एसटी सदस्यों को एक खास उम्मीदवार के लिए मतदान करने से डराया गया था. कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अपनी शिकायत में, कांग्रेस ने अमित मालवीय द्वारा प्रबंधित कर्नाटक राज्य भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक खाते द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए एक वीडियो पर प्रकाश डाला. यह वीडियो कथित तौर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र और कर्नाटक भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी के निर्देश पर 4 मई को पोस्ट किया गया था. कांग्रेस ने अपनी शिकायत में कहा कि उनके घोषणापत्र में एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों से मुस्लिम समुदाय को मिलने वाले धन को सब में बराबरी से बांटने का प्रस्ताव नहीं है, जैसा कि भाजपा ने दावा किया है. कांग्रेस ने भाजपा पर लोकसभा चुनाव के दौरान वोट मांगने के लिए गलत सूचनाएं फैलाने का आरोप लगाया. केपीसीसी ने आगे आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव में वोटों को प्रभावित करने के इरादे से वीडियो को भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए वायरल किया गया था.