डॉ. तरूण प्रसाद 2023 06 08T160030.082

चंडीगढ़ दिनभर

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में एक किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित स्कूलों में विद्यार्थियों को आने-जाने में किसी प्रकार की कोई कठिनाई न आए, इसके लिए छोटे वाहनों के माध्यम से छात्रों को आवागमन की सुविधा प्रदान की जाए। इस कार्य की समुचित मॉनिटरिंग के लिए स्कूल के एक शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाया जाए। यदि ऐसा संभव नहीं है तो छात्रों को किराया दिया जाने के संबंध में भी एक प्लान तैयार किया जाए।

वर्तमान में छात्राओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश आज यहां प्रशासनिक सचिवों, जिला उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय दिशा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक की सह-अध्यक्षता विकास एवं पंचायत मंत्रीदेवेंद्र बबली ने की। हर बच्चे की देखभाल सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बच्चों की देखभाल सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सरकार ने एक व्यापक फ्रेमवर्क बनाया है।

6 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल की जिम्मेवारी महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपी गई है। जो बच्चा न तो आंगनवाड़ी में आ रहा है और न किसी प्ले-वे स्कूल में है, ऐसे बच्चों की पूरी ट्रैकिंग की जा रही है, ताकि बच्चों की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके। तदनुसार, यदि किसी बच्चे का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, या अन्य कोई समस्या है तो सरकार मदद कर सके और उसका विकास सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने टीकाकरण प्रोग्राम की समीक्षा करते हुए कहा कि बच्चों के टीकाकरण की जिम्मेवारी भी महिला एवं बाल विकास विभाग को दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल ड्रॉप आउट पर अंकुश लगाने के लिए सरकार अथक प्रयास कर रही है। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग की जिम्मेवारी दी गई है। विभाग की ओर से प्रत्येक बच्चे की ट्रैकिंग की जा रही है और ऐसे बच्चे जो न सरकारी व निजी स्कूलों, न गुरुकुल या मदरसे कहीं भी शिक्षा प्राप्त नहीं कर रहे हैं, उन बच्चों को ट्रैक कर उन्हें स्कूलों में लाया जाएगा।