डॉ. तरूण प्रसाद 84

कैबिनेट मंत्री ने छात्रा प्रनीत कौर को 10,000 रुपए का इनाम देकर किया सम्मानित

चंडीगढ़. दिनभर मछली पालन विभाग ने छात्रा से तैयार करवाया पोस्टर किया जारी पंजाब में झींगा पालन को उत्साहित करने और किसानों को इस पेशे की जानकारी देने के उद्देश्य से मछली पालन विभाग द्वारा फ़ाईन आर्ट की छात्रा से तैयार करवाया पोस्टर मछली पालन मंत्री स. लालजीत सिंह भुल्लर ने जारी किया। मछली पालन विभाग द्वारा पोस्टर बनवाने के लिए सरकारी फ़ाईन आर्ट कॉलेज, सैक्टर-10, चंडीगढ़ के विद्यार्थियों का विशेष मुकाबला करवाया गया जिसमें छात्रा मिस प्रनीत कौर के पोस्टर का चयन किया गया।
कैबिनेट मंत्री स. लालजीत सिंह भुल्लर ने इस छात्रा को 10,000 रुपए की इनामी राशि देकर सम्मानित किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में झींगा पालन को उत्साहित करने के लिए लगातार प्रयत्नशील है। उन्होंने कहा कि राज्य के दक्षिणी-पश्चिमी पाँच जि़लों श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, फरीदकोट और फ़ाजि़ल्का की ज़मीनें सेम और खारेपन से ग्रस्त हैं और कृषि से वंचित पड़ीं हैं, जिनमें झींगा पालन बहुत लाभकारी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस समय राज्य में 1212 एकड़ क्षेत्रफल झींगा पालन अधीन है और 360 से अधिक किसान इस पेशे से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। किसान झींगा पालन अपनाकर बंजर ज़मीनों से 3 से 4 लाख प्रति एकड़ का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। साल 2022-23 के दौरान राज्य में 2400 टन से अधिक झींगे का उत्पादन हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अगले पाँच सालों के दौरान झींगा पेशे को 5000 एकड़ क्षेत्रफल में प्रफुलित करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। झींगा पालन को प्रफुल्लित करने के लिए मछली पालन विभाग का एक ट्रेनिंग सैंटर गाँव ईना खेड़ा, जि़ला श्री मुक्तसर साहिब में किसानों को विभिन्न सेवाएं प्रदान कर रहा है। इस सैंटर से किसान झींगा पालन की मुफ़्त ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं। इसके इलावा मिट्टी-पानी के नमूनों की परख सुविधा भी इस सैंटर पर प्रदान की जाती है। झींगा पालन 120 दिनों की गर्मी की ऋतु की फ़सल है। पंजाब में झींगे के पूंग की स्टाकिंग अप्रैल के महीने में की जाती है और इसकी फ़सल अगस्त महीने में प्राप्त कर ली जाती है। मछली पालन मंत्री ने बताया कि झींगा पालन का राज्य में प्रसार करने के लिए सरकार द्वारा 40 से 60 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है। राज्य के दक्षिणी-पश्चिमी जि़लों के किसान इस सुविधा का लाभ लेकर इस पेशे की शुरुआत कर सकते हैं और अधिक लाभ कमा सकते हैं।
इस मौके पर विभाग के प्रमुख सचिव श्री विकास प्रताप, संयुक्त सचिव श्री सकत्तर सिंह बल्ल, डायरैक्टर पशु पालन डॉ. राम पाल मित्तल, डायरैक्टर मछली पालन श्री जसबीर सिंह और सहायक डायरैक्टर श्रीमती सतीन्द्र कौर एवं श्री जसविंदर सिंह मौजूद थे।