डॉ. तरूण प्रसाद 2023 05 01T133205.721

सेक्टर-41 और गांव बुटरेला की मेन सड़क पर रेहडिय़ों का जमावड़ा

चंडीगढ़ दिनभर
चंडीगढ़ सड़कों पर रेहड़ी, एतराज करने पर मारपीट। पुलिस की अनदेखी और विरोध करने पर 107/51 का पर्चा। इन शब्दों में बयान की स्थानीय लोगों ने अपनी परेशानी। सेक्टर-41 और बुटरेला की मेन रोड सुबह और शाम के समय सब्जी मंडी में तब्दील हो जाती है। सैकड़ों रेहडिय़ां मेन सड़क पर खड़ी हो जाती हैं। कृष्णा मार्केट के बाहर नगर निगम की गाड़ी तो खड़ी होती है लेकिन कर्मचारी उन रेहडिय़ों को अनदेखा करते हैं। चंद कदमों की दूरी पर बीट बॉक्स में बैठे पुलिस कर्मी भी इन्हें हटाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते। यदि कोई स्थानीय व्यक्ति उक्त रेहड़ी की फोटो खींच कर कंप्लेट करता है तो रेहड़ी वाले उस व्यक्ति से मारपीट तक करने पर उतारू हो जाते हैं। चंडीगढ़ दिनभर की ओर से ग्राउंड रिपोर्टिंग में सामने आया कि शहर में कदम-कदम पर कब्जा करने वालो का राज है। यह सब नगर निगम और चंडीगढ़ पुलिस की मिलीभगत का नतीजा है। स्थानीय लोगों द्वारा शिकायत करने के बावजूद निगम और चंडीगढ़ पुलिस इन कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाही करने को तेयार नहीं है, जिस वजह से आज हालात यह बन चुके हैं कि सड़क से गुजरना मुश्किल हो गया है। शाम को ट्रैफिक ज्यादा होने के कारण लोग हादसे का शिकार भी हो चुके हैं।

सेक्टर-41 और गांव बुटरेला के निवासियों द्वारा चंडीगढ़ पुलिस के आलाअधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी गई थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई जबकि पुलिस की ड्यूटी बनती है कि सड़को पर कब्जा कर यातायात प्रभावित करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करे लेकिन ऐसा नहीं होता। बुटरेला निवासी तजेंद्र सिंह लक्की ने बताया कि मेन रोड पर रेहडिय़ों की वजह से आए दिन हादसे होते है। निगम की गाड़ी को देख रेहड़ी भगाने के चक्कर में स्थानिय लोगो की गाडिय़ा टूट जाती है। एसएसपी और निगम कमिश्नर को लिखित शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती। यदि रेहड़ी को सड़क से हटाने की बात कहते हैं तो विरोध पर उतर आते हैं। मारपीट भी करते हैं। वहीं पुलिस भी स्थानीय लोगों को ही धमकाते हैं। अवैध रेहड़ी वालां का समर्थन करते हैं। विरोध करने पर 107/51 का पर्चा काट मुझे परेशानी में डाल दिया। ताकि दोबारा कोई अतिक्रमण के खिलाफ आवाज न उठाए।

आखिरकार क्यों नहीं होती है कार्रवाई
मेन रोड पर रेहड़ी-फड़ी लगने से यातायात प्रभावित होता है। नियमानुसार ट्रैफिक प्रभावित होता है तो चंडीगढ़ पुलिस की ड्यूटी बनती है कि वह तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज करे लेकिन ऐसा नहीं होता, जिस वजह से आज शहर के हर सेक्टर व गांव में सड़क पर कब्जा कर ठेले व रेहडिय़ा लगी हुई है, जिस कारण लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल हो चुका है।

बिना परमिशन छबील नहीं लगा सकते तो रेहड़ी कैसे लग सकती है
बुटरेला निवासी लक्की का कहना है कि गर्मियों का सीजन चल रहा है। सड़क किनारे छबील लगाने की अनुमति नगर निगम देता है और चडीगढ़ पुलिस भी चेक करती है कि ट्रैफिक प्रभावित न हो। ऐसे में मेन रोड़ पर लगने वाली रेहड़ी-फड़ी को न हटाना। यह साबित करता है कि चंडीगढ़ पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से यह अतिक्रमण पेर पसार रहा है।